





दिनांक 14 फरवरी 2026 को केशव माधव सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककोड़ में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार मिश्र जी एवं मुख्य वक्ता आचार्य श्री संदीप सोलंकी जी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। आज के इस कार्यक्रम में विद्यालय के भैया बहनों ने शिवरात्रि के इस पावन पर्व पर सुंदर झांकी प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता आचार्य श्री संदीप सोलंकी जी ने बताया कि समुद्र मंथन अमृत का उत्पादन करने के लिए निश्चित था, लेकिन इसके साथ ही हलाहल नामक विष भी पैदा हुआ था। हलाहल विष में ब्रह्माण्ड को नष्ट करने की क्षमता थी और इसलिए केवल भगवान शिव इसे नष्ट कर सकते थे। भगवान शिव ने हलाहल नामक विष को अपने कण्ठ में रख लिया था। जहर इतना शक्तिशाली था कि भगवान शिव अत्यधिक दर्द से पीड़ित हो उठे थे और उनका गला नीला हो गया था। इस कारण से भगवान शिव ‘नीलकण्ठ’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। उपचार के लिए, चिकित्सकों ने देवताओं को भगवान शिव को रात भर जगाये रहने की सलाह दी। इस प्रकार, भगवान शिव के चिन्तन में एक सतर्कता रखी। शिव को आनंदित करने और जागाये रखने के लिए, देवताओं ने अलग-अलग नृत्य और संगीत बजाये। जैसे सुबह हुई, उनकी भक्ति से प्रसन्न भगवान शिव ने उन सभी को आशीर्वाद दिया। शिवरात्रि इस घटना का उत्सव है, जिससे शिव ने दुनिया को बचाया। तब से इस दिन, भक्त उपवास करते है। विद्यालय के अध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता जी, प्रबंधक श्री जगदीश प्रसाद ढोंडियाल जी एवं कोषाध्यक्ष श्री दिनेश सिंघल जी ने सभी क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलवामा शहीदी दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आज के इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु, आचार्या बहने एवं भैया बहन उपस्थित रहे।
